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अंधभक्ति देश को ले डूबी : कैसे मोदी सरकार और अंधभक्तों ने देश का ये हाल कर दिया ?

क्या किसी अपने को खोकर आपका कलेजा नहीं फट रहा? अगर नहीं तो मुझे आप से कुछ नहीं कहना। अगर आज भी आप सब कुछ देखते हुए भी अपनी आंखों पर लगे अंधभक्ति के चश्मे को नहीं हटाना चाहते तो मुझे आपसे कुछ नहीं कहना… क्योंकि शायद आप अभी और तबाही देखना चाहते हैं।

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बाबा साहब डॉ आंबेडकर ने कहा थाधर्म में भक्ति भले ही मोक्ष का रास्ता हो लेकिन राजनीति में भक्ति या नायक पूजा निश्चित तौर पर पतन और तानाशाही की ओर ले जाती है 25 नवंबर 1949 को संविधान सभा में बाबा साहब डॉ आंबेडकर ने भक्तों और अंधभक्तों को जो इतनी अहम सलाह दी थी, वो मोदी भक्तों के लिए आज भी बहुत ज़रूरी है। अगर इस सलाह पर भक्त अमल कर लेते तो देश आज इस हाल में नहीं पहुँचता। हमारे देश में इस वक़्त जितना बुरा हाल है, उसके लिए मोदील सरकार और उनके भक्त ही ज़िम्मेदार हैं।

कोरोना से देश में हाहाकार मचा है 

इस वक़्त देश में कोरोना महामारी से हाहाकार मचा हुआ है। हर तरफ़ जलती चिताओं का धुआँ हैं। किसी की साँसें ऑक्सीजन की कमी से टूट रही हैं तो कोई अस्पताल के बाहर ही पड़ापड़ा दम तोड़ रहा है। आज शमशान में शव जलाने की भी जगह नहीं है। पूरा देश ही मानो शमशान बन गया हैहर तरफ़ से राम नाम सत्य की आवाज़ सुनाई दे रही है। क्योंकि बीते एक साल में  कोरोना से निपटने का कोई पुख़्ता इंतज़ाम नहीं किया गया। ना ही नए कोविड अस्पताल बनाए और ना ही देश में ऑक्सीजन के नए प्लांट लगाए। हाँ इस एक साल में राम मंदिर और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का शिलान्यास ज़रूर हो गया और भक्त इन सबसे ही खुश थे। भक्तों की इस परम भक्ति ने जो किया, उसका ख़ामियाज़ा आज पूरा देश भुगत रहा है। 

क्योंकि जब हमने सरकार से सवाल पूछा तो आपने हमें देशद्रोही कहा

जब हमने सरकार से कहा कि आपका काम जनता की भलाई के काम करना है तो आपने हमें पाकिस्तान चले जाने की सलाह दी। क्योंकि जब हमने सरकार से पूछा कि हर साल 2 करोड़ नौकरियाँ देने के वादे का क्या हुआ तो आपने हमें विपक्षी पार्टियों का एजेंट कहा। जब हमने सरकार से पूछा कि क्यों आप देश भर में AIIMS जैसे अत्याधुनिक अस्पताल क्यों नहीं बनवा रहे तो आपने हमें राम मंदिर के शिलान्यास की दुहाई दी। कोरोना महामारी में अस्पताल की जगह राम मंदिर बनने से आप ही तो सबसे ज्यादा खुश थे।

जब हमने पूछा कि मोदी सरकार के लिए नागरिकों की सेहत प्राथमिकता क्यों नहीं हैं तो आप कह रहे थेअयोध्या तो झांकी हैकाशी मथुरा बाकी है। वो आप ही थे जो उन डॉक्टर्स और नर्सों को गालियां दे रहे थे जो अपनी जान जोखिम में डालने के लिए तो तैयार थे लेकिन सरकार से बेहतर PPE किट और सुविधाओं की मांग कर रहे थे। वो कौन था जो सरकार से ऑक्सीज़न प्लांट लगाने की मांग करने की जगह ताली और थाली बजा रहा था? वो कौन था लाखों लोगों की मौत के बाद भी प्रधानमंत्री के कहने पर नाचनाचकर दीये जला रहा था। वो कौन था जो पीएम मोदी के ऊलझुलूल टोनेटोटकों के वैज्ञानिक प्रमाण बता रहा था?

वो कौन था जो कह रहा था कि सदियों में एक हिंदू हितैषी राजा आया है? क्या आज कोरोना जैसी बीमारी में सिर्फ मुसलमान मर रहे हैं? क्या बीमारी सिर्फ दलितोंपिछड़ों और आदिवासियों को अपना शिकार बना रही है? आपने क्यों इसके बारे में नहीं सोचा और बतौर एक जिम्मेदार नागरिक सरकार से सवाल नहीं पूछा कि वो क्या कर रही है? उल्टे आपने सवाल पूछने वालों को ही एंटी नेशनल करार दे दिया। हमने जब सरकार से पूछा कि आयुष भारत योजना में भ्रष्टाचार क्यों हो रहा है तो आपने हमें अर्बन नक्सल कहकर मखौल उड़ाया।

हमने जब सरकार से पूछा कि धर्म के नाम पर दंगें मत करवाइये, देश को मत तोड़िए तो आपने कहा कि हिंदू राष्ट्र का सपना सच होने वाला है। हमने जब सरकार से पूछा कि क्यों कच्चे तेल के दाम कम होने पर भी देश की जनता को महंगा पेट्रोलडीजल क्यों बेचा जा रहा है तो आपने ही कहा था कि मुसलमानों को टाइट रखने के लिए ये सब तो सहा जा सकता है। हमने जब सरकारी संपत्ति की निलामी पर सवाल उठाया तो आपने ही कहा था, शेर पालना बहुत महंगा होता है। वो आप ही थे जो अपनी अंधभक्ति में देश का नुकसान होता देख खुश हो रहे थे।

हमने जब पूछा कि प्रधानमंत्री राहत कोष होते हुए भी पीएम केयर जैसा प्राइवेट फंड बनाने की क्या ज़रूरत है तो वो आप ही थे जिन्होंने हमें गालियां दी थी। हम जब कह रहे थे कि देश में गाय के नाम पर मुसलमानों और दलितों की लिंचिंग बंद करो तो आप योगी सरकार के राम राज्य की तारीफ करते हुए नहीं थकते थे। वो आप ही हैं जो सरकार की जिम्मेदारी को भुलाकर कोरोना के लिए तब्लीगी जमात को कोरोना का सबसे बड़ा कारण बता रहे थे।

वो आप ही थे जो वैश्विक महामारी में भी हिंदूमुस्लिम करने वाले नेताओं के भाषण सुनकर तालियां बजा रहे थेऔर वो आप ही हैं जो आज भी अंधभक्ति कर रहे हैंआज भी जब हमने सवाल उठाया कि देश में कोरोना महामारी ने कहर बरपा रखा है लेकिन पीएम मोदी बंगाल में रैलियां कर रहे हैं तो आपने हमारी नहीं सुनी.. जब हमने ये कहा कि कोरोना काल में कुंभ मत करवाइए तो आपने हमें धर्मद्रोही कहकर बदनाम किया।

अंधभक्ति ने आपके सोचने समझने की शक्ति ही छीन ली है। लेकिन क्या आज आप भी अपने करीबियों के लिए बेड का इंतजाम करने के लिए दरदर नहीं भटक रहे? क्या आपके परिजनों को अस्पताल में आसानी से सही इलाज मिल पा रहा है? क्या आपके आसपास के लोगों को वैक्सीन मिल पा रही है? और क्या किसी अपने को खोकर आपका कलेजा नहीं फट रहा? अगर नहीं तो मुझे आप से कुछ नहीं कहना। अगर आज भी आप सब कुछ देखते हुए भी अपनी आंखों पर लगे अंधभक्ति के चश्मे को नहीं हटाना चाहते तो मुझे आपसे कुछ नहीं कहनाक्योंकि शायद आप अभी और तबाही देखना चाहते हैं।

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