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विश्लेषण : R S प्रवीण को CM उम्मीदवार घोषित कर मायावती को कितना फायदा होगा?

बसपा मुखिया ने पूर्व IPS अफसर और तेलंगाना BSP के अध्यक्ष R S प्रवीण को तेलंगाना के मुख्यमंत्री का दावेदार घोषित कर दिया है।

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हैदराबाद में मायावती ने आर एस प्रवीण को सीएम उम्मीदवार घोषित किया।

रविवार को तेलंगाना से बहुत बड़ी खबर आई। BSP अध्यक्ष मायावती ने तेलंगाना में मुख्यमंत्री पद के दावेदार के नाम का एलान कर दिया। बसपा मुखिया ने पूर्व IPS अफसर और तेलंगाना BSP के अध्यक्ष R S प्रवीण को तेलंगाना के मुख्यमंत्री का दावेदार घोषित कर दिया है। मायावती ने कहा कि अगर तेलंगाना में बसपा की सरकार बनती है तो आर.एस प्रवीण ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री होंगे। 

तेलंगाना के साथ देश की राजनीति में भी हलचल

R S प्रवीण एक मिशनरी नेता हैं जिन्होंने अपनी IPS की नौकरी छोड़ कर तेलंगाना में बसपा को बहुत मजबूत किया है। उनके नाम का एलान करके मायावती ने ना सिर्फ तेलंगाना की राजनीति में बल्कि पूरे देश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। इस साल नवंबर-दिसंबर तक तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होंगे और अगर विधानसभा चुनाव में बसपा जीत जाती है तो इसका असर अगले साल यानी 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी होगा। तेलंगाना में 17 लोकसभा सीट हैं और अगर BSP इन 17 लोकसभा सीटों को जीतने में कामयाब रहती है तो देश की राजनीति में इसका बड़ा असर होगा। इसीलिए बहनजी ने तेलंगाना की जनता से अपील की है कि वो BSP को ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने में मदद करे।

तेलंगाना में सरकार बनाने की अपील

मायावती ने कहा कि RSS प्रवीण उसी तरह से जनता का अच्छे से ख्याल रखेंगे जैसे यूपी में BSP की सरकार ने अपनी सरकार के दौरान रखा था। उन्होंने ये भी कहा कि अगर दलित, आदिवासी और पिछड़ों के साथ-साथ अल्पसंख्यक समाज भी बेहतर ज़िंदगी चाहता है तो उन्हें बसपा को सत्ता में लाना होगा। 

सीएम केसीआर पर साधा निशाना

मायावती ने इस दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री और BRS मुखिया के चंद्रशेखर राव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि KCR दलित वोटर्स को लुभाने के लिए दिखावा करते हैं तो दलितों को 3 एकड़ ज़मीन देने जैसे वादों में बसपा की कॉपी करते हैं। मायावती ने KCR की ओर से तेलंगाना के नए सचिवालय का नामकरण डॉ आंबेडकर के नाम पर करने और डॉ आंबेडकर की सबसे ऊंची मूर्ति लगाने को भी वोट बैंक की राजनीति करार दिया। 

BSP ने तेलंगाना को अलग राज्य बनाए जाने की मांग का भी समर्थन किया था इसलिए बसपा तेंलगाना आंदोलन से भी खुद को जोड़ने में कामयाब है। मायावती ने रैली के दौरान इस बात का भी जिक्र किया कि उन्होंने लोकसभा में तेलंगाना को अलग राज्य बनाने वाले बिल का समर्थन किया था। 

जी कृष्णैया मामले पर पूछा सवाल 

मायावती ने तेंलगाना के महबूबनगर के दलित IAS जी. कृष्णैया के हत्यारेो आनंद मोहन को बिहार की नीतीश सरकार की ओर से रिहा करने पर KCR की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि KCR ने इसका विरोध क्यों नहीं किया?

तेलंगाना में सरकार बना पाएगी बीएसपी ?

तेलंगाना में 2018 के विधानसभा चुनाव में तो बसपा कोई कमाल नहीं कर पाई थी। बसपा को सिर्फ 2.1 फीसदी ही वोट मिले थे लेकिन जब से R S प्रवीण ने तेलंगाना में बसपा की बागडोर संभाली है, तब से तेलंगाना की पूरी राजनीति ही बदल गई है। आर एस प्रवीण जबरदस्त तरीके से बसपा का प्रचार कर रहे हैं और केसीआर सरकार के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोल रखा है। आलम ये है कि केसीआर को अब दलित वोटर्स को लुभाने के लिए तरह-तरह के एलान करने पड़ रहे हैं।

ऐसे में आर एस प्रवीण को काफी ताकतवर माना जा रहा है और अगर वो इसी जज़्बे से काम करते रहे तो वो तेलंगाना के मुख्यमँत्री की कुर्सी पर भी बैठ सकते हैं। मायावती ने उनके नाम का एलान चुनाव से पहले कर दिया जिसका मतलब ये है कि अब तेलंगाना में पार्टी और भी ज्यादा मजबूत होगी। R S प्रवीण अपनी पार्टी मजबूत कर रहे हैं और हमारे दर्शकों की जिम्मेदारी है कि वो अपने बहुजन मीडिया को भी मजबूत करें।

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