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मोदी सरकार के ‘अमृतकाल’ बजट में SC-ST को क्या मिला ? पूरा विश्लेषण

सरकार ने भारी-भरकम बजट पेश किया है लेकिन इस बजट में दलितों और आदिवासियों के हिस्से कितनी रकम आई है?

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दलित-आदिवासी बजट विश्लेषण। (www.theshudra.com)

मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के आखिरी पूर्ण बजट को अमृतकाल का बजट बताया है। सरकार ने भारी-भरकम बजट पेश किया है लेकिन इस बजट में दलितों और आदिवासियों के हिस्से कितनी रकम आई है? NCDHR की ओर से बजट का जो विश्लेषण पेश किया गया है, उसके मुताबिक जानिए दलित-आदिवासी को क्या मिला है ?

बजट में SC-ST को क्या मिला ?

49,90,842 करोड़ का कुल बजट पेश हुआ। ST को 1,19,509 करोड़ का बजट मिला है जो पिछले साल के बजट से सिर्फ 1.1 % से बढ़ा है। SC को 1,59,126 करोड़ का बजट मिला है, जो पिछले साल के बजट से सिर्फ 0.4 % से ज्यादा है। 

SC-ST की टार्गेटेड स्कीम के लिए कितना फंड ?

SC की टार्गेटेड स्कीम के लिए सिर्फ 30,475 करोड़ और ST की टार्गेटेड स्कीम के लिए सिर्फ 24,384 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

अन्य योजनाओं से SCST को सीधा लाभ नहीं होगा, ऐसी 46 योजनाएं हैं जिनका सीधा लाभ दलितों के लिए नहीं है। कुल 50,000 करोड़ की स्कीम दूसरे कामों के लिए हैं।

नॉन टार्गेटेड स्कीम को ज्यादा फंड 

मोदी सरकार ने दलित-आदिवासियों को सीधे टार्गेट करने वाली स्कीम के लिए कम और नॉन टार्गेटेड स्कीम के लिए ज्यादा फंड दिया है। जैसे सामाजिक न्याय मंत्रालय को सिर्फ 10,160 करोड़ (6.39 %) और आदिवासी मामलों के मंत्रालय को सिर्फ 12,386 करोड़ (10.36 %) फंड दिया है जबकि रोड ट्रांसपोर्टेशन को 23,375 करोड़ (8.39 %), ग्रामीण विकास को 49,792 करोड़ (17.87 %) और खाद (यूरिया) को 22,706 करोड़ (10.30 %) का फंड आवंटित किया है। ध्यान रहे ये SC-ST के लिए आवंटित बजट में से ही दिया गया है। 

पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की 10,000 करोड़ की माँग पूरी नहीं की गई, सिर्फ 8,329 करोड़ दिए। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का बजट नाकाफ़ी है।

SC-ST छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप हेतु सिर्फ 500 करोड़ का बजट है।

इस बार के बजट में विदेशों में पढ़ाई करने वाले दलित छात्रों के लिए दिया गया कम फंड, SC-ST ओवरसिज़ स्कॉलरशिप के लिए महज़ 90 करोड़ दिए गए हैं जिसमें 100 छात्र भी विदेश जाकर नहीं पढ़ सकते।

जेंडर बजट में SC-ST महिलाओं के लिए बजट में कटौती

2.83 लाख करोड़ के जेंडर बजट में SC-ST महिलाओं के लिए बजट में कटौती की गई है। जेंडर बजट में से SC महिलाओं के लिए सिर्फ 4415 करोड़ ( 0.53 %)और ST महिलाओं के लिए सिर्फ 3086 करोड़ (0.19 %) दिए गए हैं।

दलित महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध रोकने के लिए ज़्यादा बजट नहीं मिला। सिर्फ 150 करोड़ SC-ST महिलाओं की सुरक्षा के लिए आवंटित। NCRB के मुताबिक 2021 में दलितों के खिलाफ 50,013 अपराध हुए थे।

इस बार के यूनियन बजट 2023 में ट्रांसजेंडर समाज के लिए कोई राशि नहीं रखी गई। 

मैला ढोने वालों के लिए बजट में कोई राशि नहीं। देश में 58,089 हाथ से मैला ढोने वाले लोग हैं जिनके पुनर्वास की योजना के लिए कोई फंड नहीं दिया गया।

बजट में सैनिटेशन वर्कर्स के बच्चों के लिए अलग से स्कॉलरशिप नहीं, NAMASTE नाम की नई योजना में मशीनों से सैनिटेशन के लिए सिर्फ़ 97 करोड़ का बजट है जो ठेकेदार को जा सकता है। मैला ढोने वालों के लिए कोई राशि नहीं दी गई है।

पिछले SC-ST बजट में फंड की चोरी 

पिछले बजट (2022) में दलित-आदिवासियों के साथ हुआ था धोखा।SC-ST के लिए आवंटित बजट दूसरे कामों में खर्च किया गया। SC-ST के 4545 करोड़ से सड़क बना दी गई थी।

पिछले बजट में धोखाधड़ी। SC-ST के 4545 करोड़ से सड़क बना दी गई, SC-ST के 97,314 करोड़ डायवर्ट कर दिए गए थे। 30 % छात्रों को नहीं मिली थी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप।

इस बारे में वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

 

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