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राज्यसभा चुनाव से पहले BSP में बड़ी बगावत क्यों ? रामजी गौतम की जीत पर संकट

बीएसपी के पास ना ही संख्याबल था और ना ही किसी से गठबंधन… लेकिन फिर भी बीएसपी ने रामजी गौतम को राज्यसभा भेजने के लिए बड़ा दांव खेला था… लेकिन अब बीएसपी के ही बाग़ी विधायक पूरा खेल बिगाड़ने में लग गए हैं।

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(फोटो-विमल वरुण)

26 अक्टूबर को जब बसपा नेशनल कॉर्डिनेटर रामजी गौतम ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया तो यूपी की सियासत में हलचल मच गई… बीएसपी के पास ना ही संख्याबल था और ना ही किसी से गठबंधन… लेकिन फिर भी बीएसपी ने रामजी गौतम को राज्यसभा भेजने के लिए बड़ा दांव खेला था… लेकिन अब बीएसपी के ही बाग़ी विधायक पूरा खेल बिगाड़ने में लग गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ बीएसपी के 7 विधायक बाग़ी हो गए हैं… और उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ गुप-चुप बैठक की भी ख़बरें हैं।

बीएसपी विधायकों ने बाग़ी रुख़ इख़्तियार कर बीएसपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। (Photo-BSP India)

कौन-कौन हुआ बाग़ी ?

1. असलम राइनी
2. असलम अली
3. मुजतबा सिद्दीकी
4. हाकिम लाल बिंद
5. हरगोविंद भार्गव
6. सुषमा पटेल
7. वंदना सिंह

पार्टी के उम्मीदवार रामजी गौतम के 4 प्रस्तावकों ने अपना नाम वापस ले लिया है

ये सभी विधायक बीएसपी सुप्रीमो मायावती के फ़ैसले के ख़िलाफ़ चले गए हैं। पार्टी के उम्मीदवार रामजी गौतम के 4 प्रस्तावकों ने अपना नाम वापस ले लिया है जिससे रामजी गौतम के नामांकन पर ही संकट आ गया है। यहाँ तक की रामजी गौतम का पर्चा भी खारिज हो सकता है।

विवाद शुरू कैसे हुआ ?

दरअसल बीजेपी 10 में से 8 सीट आसानी से जीत सकती है और नौंवी सीट भी जोड़तोड़ से निकली सकती है लेकिन बीजेपी ने सिर्फ़ 8 उम्मीदवार ही उतारे। यानी एक तरह से बीजेपी ने बीएसपी उम्मीदवार को बैकडोर से समर्थन दे दिया। वहीं एसपी ने प्रोे रामगोेपाल यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में बीएसपी विधायकों ने बाग़ी रुख़ इख़्तियार कर बीएसपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कुछ विधायक बीजेपी के अघोषित समर्थन से नाखुशी ज़ाहिर कर रहे हैं।

बाग़ी विधायक हाकिम लाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा ‘मायावती जी, जो बीजेपी के खिलाफ थीं, अब बीजेपी का समर्थन चाह रही हैं और राज्यसभा चुनावों के लिए मेरे निर्वाचन क्षेत्र से नए उम्मीदवार की तलाश कर रही हैं। मुझे अपमान महसूस होता है। अगर वह हमारी चिंताओं पर ध्यान देती है तो हम बसपा के साथ होने पर विचार कर सकते हैं।’

प्रकाश बजाज के आने से मुकाबला कड़ा हुआ

मौजूदा गणित के हिसाब से बीजेपी के 8, एसपी का 1 और बीएसपी का 1 उम्मीदवार आसानी से राज्यसभा चुनाव जीत सकते थे। लेकिन ऐन मौक़े पर कॉर्पोरेट अधिवक्ता प्रकाश बजाज ने भी नामांकन दाखिल कर दिया। ऐसे में बीएसपी के लिए अब मुक़ाबला बेहद मुश्किल हो गया है। अब ये देखना बेहद दिलचस्प होगा कि बीएसपी का शीर्ष नेतृत्व कैसे इस चुनौती से पार पाता है ? वीडियोे देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

ब्यूरो रिपोर्ट, द शूद्र

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