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आरक्षण की चोरी का ‘केजरीवाल मॉडल’, क्यों बहुजनों को आरक्षण नहीं देना चाहते केजरीवाल ?

दिल्ली से लेकर पंजाब तक उनकी आम आदमी पार्टी की सरकार बहुजनों के आरक्षण पर कुठाराघात करने की आरोपी है।

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Photo - Arvind Kejriwal

बहुजनों को बाबा साहब की तस्वीर दिखाकर ख़ुद को दलित हितैषी साबित करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बहुजनों को ठगने का आरोप लगा है। दिल्ली से लेकर पंजाब तक उनकी आम आदमी पार्टी की सरकार बहुजनों के आरक्षण पर कुठाराघात करने की आरोपी है। बहुजनों को आरक्षण ना मिल सके, इसके लिए नए-नए पैंतरे अपनाए जा रहे हैं।

मान सरकार के बचाव में बना लिया बहाना 

पंजाब में एडवॉकेट जनरल ऑफिस में दलितों और पिछड़ों को आरक्षण ना देने पर घिरी भगवंत मान सरकार के बचाव में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने ऐसा बहाना बनाया है, जिसे जानने के बाद आप भी यही कहेंगे कि असल में ये बहुजनों की हक़मारी का ‘केजरीवाल मॉडल’ है। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में SC-BC के आरक्षण के खिलाफ केस कर दिया है लेकिन केजरीवाल भगवंत मान को समझाने की बजाए बहानेबाज़ी कर रहे हैं।

दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया है कि ‘पंजाब में लॉ ऑफिस की नियुक्ति में आरक्षण का विरोध करने वाली भगवंत मान की सरकार की शिकायत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से की गई थी। दिल्ली के एक मंत्री ने केजरीवाल से कहा था कि पंजाब में बहुजनों के आरक्षण हकमारी नहीं होनी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक़ इस पर अरविंद केजरीवाल ने एक बहाना बना दिया। अरविंद केजरीवाल ने पूछा कि ‘क्या बाक़ी राज्यों में लॉ ऑफ़िसर की नियुक्ति में आरक्षण लागू है? अगर बाक़ी राज्यों में लॉ ऑफ़िसर नियुक्ति में दलितों-पिछड़ों को आरक्षण मिल रहा है तो हम भी दे देंगे, आप उसके आँकड़े लाकर दे दीजिए।’

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल पंजाब में एडवॉकेट जनरल के ऑफिस में आरक्षण लागू करने की माँग की गई थी। एडवॉकेट जनरल किसी राज्य की सरकार का सबसे बड़ा वकील होता है जो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार का पक्ष रखता है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक पंजाब के वकील ओपी इंदल ने पिछले साल राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत की थी पंजाब सरकार लॉ अफसरों की नियुक्ति में आरक्षण की सुविधा नहीं दे रही जबकि  Punjab Scheduled Castes and Backward Classes (Reservation in Service) Act, 2006 के हिसाब से उन्हें ऐसा करना चाहिए।

SC कमीशन ने दिया था आदेश

इस शिकायत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने अगस्त 2021 में पंजाब सरकार को एडवॉकेट जनरल ऑफिस में आरक्षण लागू करने का ऑर्डर दिया था। SC कमीशन के इस ऑर्डर के बाद जनवरी 2022 में पंजाब की तत्कालीन चरणजीत सिंह चन्नी सरकार ने अपना जवाब दायर करते हुए कहा था कि आदेश के मुताबिक़ एडवॉकेट जनरल ऑफिस में लॉ ऑफ़िसर की नियुक्ति में SC और BC वर्गों को आरक्षण दिया जाएगा। लेकिन इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरकार बन गई।

मान ने पलट दिया चन्नी का फैसला

भगवंत मान ने कुर्सी पर बैठने के बाद अनमोल रतन सिद्धू को नया एडवॉकेट जनरल बना दिया। कुर्सी सँभालते ही एडवॉकेट जनरल अनमोल रतन सिद्धू ने मान सरकार से कहा कि SC कमीशन के आदेश पर अगर आरक्षण लागू किया गया तो इससे काम पर बुरा असर पड़ेगा। इसके बाद पंजाब की भगवंत मान सरकार ने चन्नी सरकार के फ़ैसले को पलटे हुए SC कमीशन को लिख दिया कि लॉ ऑफ़िसर की नियुक्तियों में SC-BC को आरक्षण नहीं दिया जा सकता।

फैसले को हाईकोर्ट में दी चुनौती 

SC कमीशन के फ़ैसले ख़िलाफ़ पंजाब की भगवंत मान सरकार हाईकोर्ट पहुँच गई। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में भगवंत मान सरकार ने SC कमीशन के फ़ैसले को चुनौती दी है। यानी पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार दलितों-पिछड़ों के आरक्षण की हकमारी करने के लिए ऐड़ी-चोटी का ज़ोर लगा रही है।

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