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मीडिया और भक्तों पर बुरी तरह भड़के नीरज चोपड़ा, वीडियो जारी कर दिया जवाब !

नीरज ने जिस तरह से मीडिया के घटियापन को उजागर किया है वो काबिल-ए-तारीफ है।

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(Photo - @Neeraj_chopra1)

पाकिस्तान का नाम लिए बिना मनु मीडिया का खाना हज़म नहीं होता, मसला कुछ भी हो ये लोग पाकिस्तानी कनेक्शन ढूंढ ही लेते हैं। ओलंपिक में भारत का नाम रौशन करने वाले जेवलिन खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के नाम पर भी मनु मीडिया ने ज़हर फैलाना शुरू कर दिया लेकिन खुद नीरज चोपड़ा ने घटिया पत्रकारों की ज़हरीली पत्रकारिता को बेनकाब कर दिया।

‘भाई मेरा जेवलिन मुझे दे दे’

दरअसल नीरज चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि ‘ओलंपिक में मेरा जेवलिन पाकिस्तानी खिलाड़ी अरशद नदीम के पास था और मैं उसे ढूंढ रहा था, जब नदीम के पास जेवलिन देखा तो मैंने कहा कि भाई मेरा जेवलिन मुझे दे दे’ लेकिन नीरज के इसी बयान पर घटिया मीडिया ने अपना ज़हरीला एजेंडा चलाना शुरू कर दिया। मीडिया ने खबर चलाई कि बारी से ठीक पहले नदीम ने नीरज का जेवलिन छुपा लिया था ताकि वो खेल ना पाएं। इस खबर को लेकर सोशल मीडिया पर भी भक्तों ने गंद मचाना शुरू कर दिया।

‘मेरे बयान से गंदा एजेंडा आगे ना बढ़ाएं’

इस बारे में खुद नीरज चोपड़ा ने सामने आकर भारतीय मीडिया के नफरती चरित्र को उजागर करते हुए बेनकाब कर दिया। नीरज ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया और मीडिया को फटकार लगाई। उन्होंने कहा ‘जब मैच होता है तो सारे खिलाड़ी अपने-अपने जेवलिन एक जगह रख देते हैं। कोई भी खिलाड़ी किसी के भी जेवलिन का इस्तेमाल कर सकता है। मेरा जेवलिन नदीम के पास था और जब मेरा नंबर आया तो मैंने उससे ले लिया। हम सारे खिलाड़ी प्यार से रहते हैं। मेरे बयान का इस्तेमाल अपना गंदा एजेंडा चलाने के लिए ना करें’

https://twitter.com/Neeraj_chopra1/status/1430816302415843331

पहले भी भाईचारे की बात कर चुके हैं नीरज 

नीरज चोपड़ा के कोच भी मुस्लिम हैं और उनका नाम है नसीम अहमद, नीरज अपने कोच का बहुत सम्मान करते हैं। ओलंपिक में गोल्ड जीतने के बाद भी नीरज ने पाकिस्तानी खिलाड़ी नदीम के बारे में कहा था कि अगर वो भी मेडल जीतते तो अच्छा होता। यानी नीरज ने ना सिर्फ शानदार खेल भावना का इज़हार किया बल्कि आपसी भाईचारे और मोहब्बत का भी मैसेज दिया। लेकिन कुछ घटिया मीडिया संस्थानों को नफरत फैलाने से ज्यादा मज़ा किसी बात में नहीं आता लेकिन नीरज ने जिस तरह से मीडिया के घटियापन को उजागर किया है वो काबिल-ए-तारीफ है।

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