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द मूकनायक की संपादक मीना कोटवाल पर लगे बेहद गंभीर आरोप, पूर्व सहयोगी ने बताई हैरान करने वाली आपबीती !

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बाबा साहब डॉ आंबेडकर के पहले अखबार मूकनायक के नाम पर द मूकनायक चैनल चलाने वाली पत्रकार मीना कोटवाल और उनके पति राजा बाबू अग्निहोत्री पर मीना की ही पूर्व सहयोगी बबीता गौतम ने गंभीर आरोप लगाए हैं। द मूकनायक की पूर्व रिपोर्टर बबीता ने ट्विटर पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी आपबीती सुनाई। बबीता के आरोप इतने गंभीर हैं कि आप सुनकर हैरान रह जाएंगे।

पत्रकार को जय भीम बोलने से रोका गया ?

बबीता गौतम का कहना है कि यूं तो द मूकनायक को मीना कोटवाल के नाम से ही चलाया जाता है लेकिन असल में मीना के पति राजा बाबू अग्निहोत्री ही सब कुछ मैनेज करते हैं। बबीता गौतम ने ये भी कहा है कि अपने सवर्ण मित्रों को खुश करने के लिए राजा और मीना ने उसे रिपोर्टिंग के दौरान जय भीम बोलने से भी मना कर दिया। 

बबीता ने ट्विटर पर लिखामैं अपनी वीडियो स्टोरी की शुरुआत “जय भीम जय संविधान” से करती थी लेकिन कुछ समय बाद मीना और राजा ने मुझे इस तरह से वीडियो शुरु करने से मना कर दिया. उनका कहना था कि हमारे कुछ अपर कास्ट दोस्त हैं, वो भी वीडियो देखते हैं और उनको इससे अजीब लगता है।’

बबीता आगे लिखती हैं मैंने इस बात पर सवाल किया कि उनके बोलने से हम क्यों न बोले लेकिन मुझे मना कर दिया गया कि उनको अच्छा नहीं लगता सीधा हैलो करके वीडियो को शुरु किया करो. उस दिन मुझे बुरा लगा कि कुछ अपर कास्ट दोस्तों के लिए हम जय भीम और जय संविधान बोलना छोड़ दे? जबकि चैनल का नाम ही बाबा साहेब के न्यूज़ पेपर पर रखा गया है, तब उन अपर कास्ट दोस्तों को बुरा नहीं लगा?’ बबीता गौतम के ये ट्वीट वायरल हो रहे हैं।

सवर्णों को खुश करने के लिए बहनजी को कवर करने से किया मना ?

बबीता का ये भी आरोप है कि बसपा अध्यक्ष मायावती पर फूहड़ टिप्पणी करने वाले लोगों पर जब उसने एक स्टोरी की तो राजा और मीना ने उसे ये कहकर रुकवा दिया कि मायावती पर कमेंट करने वाली एक पत्रकार मीना की बहुत खास दोस्त हैं। बबीता ने लिखा ‘जब मैंने बसपा सुप्रीमो मायावती पर एक पैकेज लिखा जहां पर कुछ सेलिब्रेटी ने उनके लिए अपशब्द कहे थे. मैंने वो पैकेज लिखा लेकिन उस पैकेज को रोक दिया गया क्योंकि उसमें मीना की किसी ख़ास महिला पत्रकार का भी ज़िक्र था। जिसके लिए मुझे राजा ने ख़ास तौर पर कहा कि नहीं हम ये नहीं कर सकते क्योंकि मीना और उस ख़ास दोस्त के संबंध बहुत अच्छे हैं और वैसे भी बसपा और मायावती की स्टोरी हमारे चैनल पर नहीं चलती तो इसको नहीं चला सकते। इसकी जगह कोई और स्टोरी देखो ये बोलकर राजा ने फ़ोन रख दिया। इस मामले को लेकर मैंने मीना से अगले दिन बात की लेकिन उसने भी यही जवाब दिया कि मेरे संबंध अच्छे हैं और मायावती के अलावा कोई और स्टोरी देख लेनी चाहिए थी’

मीना की पुरानी दोस्त हैं बबीता गौतम 

बबीता गौतम मीना कोटवाल और राजा बाबू अग्निहोत्री की बहुत पुरानी दोस्त हैं, जामिया में ये तीनों साथ ही पढ़ाई करते थे। लेकिन बबीता का आरोप है कि द मूकनायक में काम के दौरान उसे मानसिक तौर पर बहुत पीड़ा से गुजरना पड़ा। बबीता ने ये भी लिखा है कि जब रिपोर्टिंग के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उसके साथ बदसलूकी की और से घेरकर बुरी तरह परेशान किया तो राजा बाबू अग्निहोत्री ने उसके साथ कोई हमदर्दी जताने की जगह उसे फेमस करने जैसी बातें की।

बबीता अपने ट्वीट में लिखती हैं ‘मुझे याद है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की और से रोज़गार संसद कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसको मैं कवर करने गई थी. वहीं सवाल जवाब करने के दौरान मेरे एक सवाल पर आम आदमी  पार्टी के कार्यकर्ता की भीड़ बुरी तरह से ग़ुस्सा हो गई थी और उन्होंने मुझे घेर कर नारेबाज़ी शुरु कर दी थी। उन्होंने मुझे घेर कर नारेबाज़ी शुरु कर दी थी वहीं भीड़ में से एक लड़के ने इस दौरान मुझे मारने की कोशिश भी कि थी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद है।

इस मामले की जानकारी मैंने तभी मीना को फोन करके देनी चाही लेकिन उसने फ़ोन नहीं उठाया जिसके बाद मुझे राजा को ये जानकारी देनी पड़ी। राजा ने मुझसे कहा कि जल्दी से वीडियो भेजो मैं तुम्हें स्टार बनाता हूँ, फेमस करता हूँ. मैंने राजा को वीडियो दिया और बोला की आम आदमी पार्टी में समाज के नेताओं को इसके बारे में बोलने को कहो लेकिन राजा ने ये करने से मनाकर दिया और कहा कि उनसे मीना के अच्छे संबंध है वो ख़राब हो जाएँगे।

इस मामले को लेकर मैं अभी सोच ही रही थी कि यह क्या हुआ ? इतने में मीना का फ़ोन आता है और मेरा हाल चाल जानने की बजाय वो मुझे एक और स्टोरी के लिए पूछती है कि वह क्यों नहीं हो पाई है अभी तक? उस वक़्त मुझे रोना आ गया कि कैसे एक महिला उस आप बीती को नहीं समझ पाई जो कुछ समय पहले उसके साथ भी हुई थी जब एक रिपोर्ट करने के दौरान भीड़ ने उसको घेर कर नारेबाज़ी शुरु कर दी थी…रात को राजा का फ़ोन आता है और वह मुझसे बोलता है कि हम तुझे उस तरह से फेमस नहीं कर पाए जैसे मीना को किया था क्योंकि हम पैकिंग कर रहे थे राजस्थान जाने के लिए… जो सुनकर मुझे बेहद अजीब लगा मैंने कभी भी फेमस होने के लिए काम नहीं किया हमेशा समाज की आवाज़ उठाने की ही कोशिश की। लेकिन राजा के इन शब्दों ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया था कि अगर मेरी जगह मीना होती तो क्या यही लाइन होती और क्या तब भी वो व्यक्तिगत संबंध की परवाह करते या उसकी सुरक्षा की?’

बबीता आगे लिखती हैं ‘बहराल बाकी दलित मीडिया हाउसजेस ने इस वाक्य की निंदा की, ट्विटर पर कुछ स्पेस भी हुए मगर द मूकनायक या मीना की तरफ़ से कोई भी कदम आगे नहीं बढ़ाया गया। इस समय तक आकर वो सारे पिछले वाक़ये चाहे वो अपने व्यक्तिगत संबंधों के लिए जय भीम बोलने से रोकना हो। मेरी स्टोरी रोकना हो या इस भीड़ वाले वाक़ये की निंदा करना हो मुझे दिमाग़ी तौर पर परेशान करने लगे. मुझे घुटन महसूस होने लगी थी और मैं सेल्फ़ डाउट में जाने लगी थी. मैंने ये नौकरी इसलिए ली थी के अपना मीडिया है तो मैं अपने समाज की खबरें बिना किसी संपादकीय दवाब के कर सकूँगी..जैसे किसी मनु मीडिया हाउस में रहता है जहां ब्राह्मण संपादक दलित पत्रकारों की स्टोरी ख़ारिज कर देते हैं लेकिन हमारे तथाकथित अपने मीडिया का हाल भी मुझे परेशान करने लगा था.’

नाम मीना कोटवाल का, काम राजा बाबू अग्निहोत्री का ?

यानी बबीता का आरोप है कि उसके साथ इतने बुरे अनुभव के बाद भी ना ही मीना कोटवाल ने उसके साथ कोई हमदर्दी दिखाई और ना ही राजा बाबू अग्निहोत्री ने… ये अपने आप में हैरान करने वाला है। बबीता ने सिलसिलेवार ढंग से बताया है कि कैसे द मूकनायक के संपादकीय फैसलों से लेकर प्रबंधन तक, सब राजा के हिसाब से ही होता था लेकिन दिखावे के लिए हमेशा मीना कोटवाल का नाम आगे किया जाता था।

बबीता लिखती हैं कोई भी स्टोरी करने से पहले मीना के साथ-साथ राजा की हाँ भी ज़रूरी हो गई थी. हर स्टोरी में राजा अपना पक्ष रखता साथ ही मेरे द्वारा दी गई हेडलाइन को राजा ही चेंज करके देता जबकि मैं मीना को भेजती तो वह राजा के पास भेजने के लिए बोलती थी। लेकिन जब भी काम को लेकर बात होती तो कहा जाता कि ये मीना का काम है वो अकेले ही सँभाल रही है जबकि ऐसा नहीं होता था. मीना से कही ज़्यादा द मूकनायाक को राजा बाबू अगनिहोत्री देख रहे थे। मीना कभी भी अकेली थी ही नहीं राजा हमेशा काम को देखते थे जबकि वह न्यूज़ 18 में सोशल मीडिया हेड के तौर पर नौकरी कर रहे थे लेकिन साथ ही वह द मूकनायक का संपादकीय भी देख रहे थे।’

मीना ने राजा को द मूकनायक का को-फाउंडर बनाया 

मीना कोटवाल  धोबी जाति से ताल्लुक रखती हैं जबकि उनके पति राजा बाबू अग्निहोत्री ब्राह्मण जाति से… मीना और राजा कॉलेज के दिनों से ही साथ हैं और इन्होंने प्रेम विवाह किया है। राजा बाबू भी पत्रकार हैं और वो न्यूज़ 18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं। अब मीना ने उन्हें द मूकनायक का को-फाउंडर बना दिया है लेकिन बबीता गौतम का कहना है कि वो दूसरे चैनलों में अपनी नौकरी दौरान ही द मूकनायक का पूरा काम देखते थे और अक्सर उन्हें आंबेडकरवाद पर ज्ञान देते थे।

बबीता लिखती हैं मेरे काम को लेकर मुझे मीना के साथ-साथ राजा से भी पूछना पड़ता था क्योंकि मीना कहती थी कि कोई भी स्टोरी हो वो एक बार राजा से डिस्कस कर लो वो ज़्यादा बेहतर तरीक़े से बताएगा. इस दौरान काम को लेकर मेरी बात मीना के साथ साथ राजा से भी होने लगी। जब भी मेरी बात राजा से होती वो मुझे बाबा साहेब के मूवमेंट पर ज्ञान देने लगते जैसे हमें कुछ पता ही न हो। जबकि बचपन से ही मेरे पिता और घर से ही मुझे आंबेडकरवाद मिला है। मुझे ये बात अजीब लगने लगी जिस तरह से राजा हमें ही आंबेडकरवाद सिखाने की कोशिश कर रहे थे। जैसे आगे काम बढ़ता रहा, मीना मुझसे रोज़ रिपोर्ट लेती लेकिन इस दौरान भी राजा मुझे काम और काम करने के तरीके समझाते रहते थे जैसे मुझे काम आता ही ना हो..  पता नही सवर्णों का ये सेवियर कॉम्प्लेक्स कब जाएगा जैसे उन्हें ही सब पता हो। वही माई बाप हों।’

मूकनायक को पर्दे के पीछे से चलाते हैं मीना के पति राजा बाबू अग्निहोत्री ?

बबीता के आरोपों को अगर सच मान लिया जाए तो इसका मतलब यही है कि पर्दे के पीछे से राजा बाबू ही द मूकनायक को कंट्रोल कर रहे थे। बबीता गौतम ने मीना कोटवाल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। बबिता ने दिल्ली कैंट के रेप केस का जिक्र करते हुए बताया है कि कैसे मीना कोटवाल ने उन्हें क्रेडिट तक नहीं दिया और हर जगह बस वो खुद का नाम उछालती रहीं।

बबीता लिखती हैं ‘दिल्ली कैंट वाले मामले में जितनी मेहनत मीना ने की उतनी ही मेहनत मैंने की और आज भी मेरी टॉप 5 वीडियो स्टोरी द मूकनायक के यूट्यूब पर मौजूद है. मुझे याद है जब मैं दिल्ली कैंट वाली स्टोरी कर रही थी तो मीना को कई चैनल फ़ोन करके स्टोरी के बारे में जानकारी लेते थे. इस दौरान मीना अपने नाम के साथ-साथ टीम का ज़िक्र करती थी लेकिन उस टीम में कौन था या उस स्टोरी पर कौन काम कर रहा था उनका नाम कभी नहीं लिया जाता था। वहीं जब उस बच्ची के अवशेषों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था तो मैं और टीम का एक लड़का सुबह से ही वहाँ मौजूद थे और उस पूरे वाकये को कवर कर रहे थे उस दौरान जब मैं रिपोर्ट करके आयी तो मीना एक प्रोफ़ेसर से बात कर रही थी जहां उसने बोला की ये वाक़या मुझे कवर करना था मैं पहले दिन से यहाँ मौजूद थी और आज जब मौक़ा था तो मैं यह कवर नहीं कर पायी मुझे बुरा लग रहा है लेकिन मीना ने उनको यह नहीं बोला की मेरी टीम से बबीता ने ये कवर किया, वो सुबह से यहाँ मौजूद थी जो हमारे और इस स्टोरी दोनो के लिए ही अच्छा है क्योंकि वह स्टोरी लोगों तक पहुंचनी जरूरी थी ना की कोई पत्रकार। इस तरह के कुछ और मामले हुए जहां मेरी तारीफ़ लोग कर रहे थे लेकिन मीना को शायद यह पसंद नहीं आ रहा था वह मेरे काम में कही ना कही कमी निकालाने लगी शायद अब वो एक दोस्त की जगह एक बॉस बन चुकी थी’

बबीता गौतम की मेंटल हेल्थ पर हुआ बुरा असर 

बबीता गौतम का कहना है कि इन घटनाओँ ने उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचाया जिसे याद करते ही उन्हें आज भी बेचैनी महसूस होने लगती है। बबीता अंत में लिखती हैं ‘इन वाकयों ने मुझे इस हद तक झंझोड़ दिया था कि मुझे एंजाइटी होने लगी थी, मैंने लोगों से बात करना बंद कर दिया था। तब तक मैंने नौकरी छोड़ने का मन बना लिया था और कुछ समय बाद मैंने ये नौकरी छोड़ दी। ये तमाम कुछ कारण थे मेरे द मूकनायक छोड़ने के। ये सब  लिखना और दुबारा महसूस करना मेरे लिए कतई आसान नहीं था। मुझे ये लिखते हुए भी एंजाइटी हो रही है। मगर कुछ सवाल मुझ तक भी पहुंच रहे है तो ये लिखना पड़ रहा हैं’

मीना कोटवाल कब देंगी आरोपों के जवाब ?

मीना कोटवाल के जिस द मूकनायक को बहुजन समाज ने आगे बढ़ाया, वहां एक दलित महिला पत्रकार के साथ इस तरह का सलूक होना… अपने आप में बेहद चिंताजनक है। खबर लिखे जाने तक मीना कोटवाल और उनके पति राजा बाबू अग्निहोत्री की तरफ से बबीता गौतम के आरोपों का कोई जवाब नहीं दिया गया है। सोशल मीडिया पर बबीता गौतम के ट्वीट्स वायरल हो रहे हैं और लोग उनके साथ हुए सलूक की निंदा करते हुए मीना और राजा से जवाब मांग रहे हैं। इस घटना ने कहीं ना कहीं बहुजन मीडिया के माथे पर भी बदनुमा दाग लगा दिया है। आप इस बारे में क्या सोचते हैं, कमेंट करके जरूर बताएं। 

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