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क्या भारत में कोरोना विस्फोट होने वाला है ?

एक रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

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भारत में कोरोना महामारी जिस रफ्तार से बढ़ रही है, आने वाले दिनों में उससे ज़बरदस्त तबाही हो सकती है।  जिस कम्यूनिटी स्प्रेड की बात बीते कई महीनों से हो रही थी… भारत में अब वो शुरू हो गया है।

भारत में पिछले तीन दिनों से लगातार रोज कोरोना वायरस के 30,000 से अधिक मामले सामने रहे हैं। https://www.covid19india.org/ के आंकडों के मुताबिक

15 जुलाई को 32,607

16 जुलाई को 35,468

17 जुलाई को 34,820 और

18 जुलाई को 37,407 केस पॉजिटिव आए हैं।

यानी सिर्फ चार दिन में 1,40,302 कोरोना मरीज़ सामने आए हैं। भारत में पहला पॉजिटिव केस 30 जनवरी को सामने आया था और लेकिन महज 110 दिनों में कोरोना मरीज़ों की संख्या एक हजार से बढ़कर 10 लाख हो गई।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का मानना है कि अब भारत में कोरोना वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया है IMA हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉक्टर वीके मोंगा का कहना है कि हर दिन देश में 30 हजार से ज्यादा मामले सामने रहे हैं, यह देश के लिए बहुत ही बुरे हालात हैं अब यह संक्रमण ग्रामीण इलाकों में भी फैलने लगा है, जिसका मतलब है कि कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया है।

इस समय भारत में कुल पॉजिटिव केसों की संख्या 10,77,719 हैं।

कुल एक्टिव केस 3,72,849 हैं जबकि 6,77,642 लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके हैं।

भारत सरकार और भारतीय मीडिया बार-बार डेथ रेट यानी कोरोना से होने वाली मौतों की कम संख्या को किसी उपलब्धि की तरह पेश करते हैं लेकिन बीते कुछ दिनों में जितने लोगों की मौत हुई है, वो डराने वाली है।

18 जुलाई को महज 24 घंटे में 671 लोगों की मौत कोरोना की वजह से हुई।

17 जुलाई को 676 लोगों ने दम तोड़ा

तो वहीं 16 जुलाई को 680 लोग कोरोना के सामने हार गए।

15 जुलाई को भी 614 लोगों की मौत हो गई। पिछले 8 दिन से रोजाना 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। भारत में अब तक कुल 26,828 लोग दम तोड़ चुके हैं।

सरकार और मीडिया के लिए ये मौत आंकड़ों से ज्यादा कुछ नहीं है। असल नुकसान तो उन लोगों का है जो इस महामारी में अपनों को खो रहे हैं… उनके परिवार बिखर रहे हैं। एक मार्च को भारत दुनिया में कोरोना के मामले में 38वें स्थान पर था जबकि 17 जुलाई को 10 लाख कोरोना केस आने के साथ ही भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया सरकार चाहे तो इसे अपनी उपलब्धि बता सकती है कि कैसे हम कोरोना मामलों में जल्द ही पहले नंबर होंगे… क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारत में कोरोना विस्फोट हो सकता है।

बेंगलूरू के भारतीय विज्ञान संस्थान के शोधार्थियों ने कोरोना पर एक गणितीय मॉडल पेश किया है। IIS के शोधार्थियों के मुताबिक जिस तेजी से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं उसके आधार पर अगले साल जनवरी तक भारत में मरीजों की संख्या करीब 3 करोड़ होने की आशंका है अनुमान के मुताबिक इस साल सितंबर तक देश में मरीजों की संख्या 35 लाख के करीब हो सकती है

लेकिन इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए जितने उपाय किए जाने चाहिए थे, उतने किये नहीं जा रहे। जब एक हज़ार केस थे तो लॉकडाउन कर दिया गया और जब एक लाख केस हो गए तो लॉकडाउन खोल दिया गया। लॉकडाउन के समय को तैयारियों के लिए लगाना चाहिए था लेकिन हमने थाली बजाकर और दिए जलाकर कोरोना को हराने का टोटका किया। लॉकडाउन ने कुछ समय के लिए मुसीबत को टाल तो दिया लेकिन इंतज़ाम ना होने के कारण सब किया धरा मिट्टी में मिल गया।

अस्पतालों में बुरा हाल है… ना दवाई है और ना ही बेड…. वेटिंलेटर्स की भी भारी किल्लत है। कोरोना के साथ साथ बदहाली से भी लोग मर रहे हैं। लेकिन सरकारें चुनावी तैयारियों में लगी हुई हैं।

इसलिए हमारी आपसे अपील की है कि आप अपना ख्याल खुद रखें….सावधान रहें और संक्रमित होने से बचे रहें क्योंकि हालात क्या हैं…आप बेहतर जानते हैं।

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