Home विमर्श हमारे एक दर्शक की ये फेसबुक पोस्ट आप सबको ज़रूर पढ़नी चाहिए

हमारे एक दर्शक की ये फेसबुक पोस्ट आप सबको ज़रूर पढ़नी चाहिए

The Shudra और The News Beak के एक दर्शक विकास वर्मा ने अपनी फेसबुक वॉल पर हमारे बारे में एक पोस्ट लिखी है। मैं चाहता हूं आप सब उसे ज़रूर पढ़ें।

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The Shudra और The News Beak के एक दर्शक विकास वर्मा ने अपनी फेसबुक वॉल पर हमारे बारे में एक पोस्ट लिखी है। मैं चाहता हूं आप सब उसे ज़रूर पढ़ें।

‘कुछ समय पहले राम मंदिर के नाम पर देश भर में घर घर जाकर चंदा बटोरा जा रहा था। लोग बढ़चढ़ कर चंदा दे रहे थे। उस समय हममें से बहुत से लोगों ने एनर्जी इस बात पर लगाई कि लोग राम मंदिर के लिए चंदा मत दें। नैतिक तौर पर बात सही है कि लोग ऐसी किसी संस्था के लिए दान क्यों करें, जिसकी नींव घृणा पर बनी हो, खासकर बहुजनों के नजरिये से? लेकिन प्रैक्टिकल तौर पर देखें, तो दान न करने की अपील करना बेकार है, क्योंकि जिनको मंदिर के लिए दान करना है, वो करेंगे ही।

तो बात ये है कि हम क्या कर सकते हैं। क्यों न हम भी उनसे सीख लेते हुए अपना इवेंट क्रिएट करें। उनको मंदिर के लिए चंदा देने से मना करने के बजाए, हम अपने मिशन के लिए चंदा जमा करने की अपील करें? बहुत से लोग हैं, जो सपोर्ट करना चाहते हैं, लेकिन नहीं कर पाते, क्योंकि डाउट रहता है कि जहाँ पैसा दे रहे हैं वो मिशन के लिए फायदेमंद होगा भी या नहीं?

मेरी समझ से बहुजन मीडिया खड़ा करना आज के बहुजनों की सबसे बड़ी जरूरत है। हमारे सबसे बड़े नेता बहुजन विचार धारा से कन्नी काट चुके हैं, ऐसे में “We are on our own”, तो हमारा सबसे कारगर हथियार मीडिया ही हो सकता है। संगठन बहुजन मीडिया की मदद से खड़े भी हो जाएंगे, और नेता भी। तो चलिए, अपने मीडिया को सपोर्ट करना शुरू करते हैं।

मैंने जितना observe किया है, उतने में मुझे Sumit Chauhan के द्वारा बनाया गया The Shudra (Now, The News Beak) बहुजनवादी विचारधारा के सबसे करीब लगता है। मैं शुरुआत के तौर पर आज The News Beak के लिए फाइनेंसियल सपोर्ट दे रहा हूँ। ऐसी आशा है कि और लोग भी इसे फॉलो करेंगे, उन्हें जो भी चैनल समझ मे आए, मैं भी आने वाले महीनों में और भी चैनल्स का समावेश करना चाहूँगा।

मैं यहाँ payment के स्क्रीनशॉट्स अटैच कर रहा हूँ। ये पेमेंट्स 5000, 500, 50 और 5 रुपये के हैं। कहने का मतलब है आप को जो अमाउंट सही लग रहा है, वो पिक कर सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति के हिसाब से जो भी बन पड़ता है, चाहे कितना भी छोटा अमाउंट हो, सपोर्ट करिए। यकीन मानिए, परिस्थिति के अनुसार दिए गए आपके 5 या 50 रुपये कीमत मेरे किये गए सपोर्ट से कम नहीं होगी, उसी तरह मैं अपने सपोर्ट को किसी के 1 लाख के सपोर्ट से कम नहीं आकूँगा। ज्यादा जरूरी है, अपनी अपनी अवस्था अनुसार इस काम मे बहुजनों का साथ आना।

मैं ये ट्रेंड आज से शुरू करके अगले 12 महीने तक जारी रखूँगा। मतलब इस साल लगभग 70 हजार रुपये। आम तौर पर मैं मिशन या किसी और संस्था में किये गए सपोर्ट को डिस्क्लोज़ नहीं करता हूँ, लेकिन यहाँ मुझे जरूरी लग रहा है। ये बताना भी चाहता हूँ कि लोग आगे आने को तैयार हैं, और कुछ लोगों को encourage भी करना चाहता हूँ जो डाउट में हैं कि सपोर्ट करें, मगर कैसे। एक बात ये भी कहना चाहता हूँ, 5000 रुपये चंदा देने वाले एक सपोर्टर से, 100 रुपयों का चंदा देने वाले 50 लोगों का होना मुझे एक बेहतर चीज दिखाई देती है। और अगर दोनों ही मिल जाएं, तो क्या बात हो।


कुछ इंफ्लुएंशिएल लोग अगर कोई इवेंट बना सकें, तो बहुत अच्छा हो सकता है। 11 से 14 अप्रैल इन लोगों ने टीका उत्सव बता दिया। चूँकि ये बाबा फुले और बाबा साहब के जन्म दिनों के बीच का वक़्त था, हम इसे सपोर्ट बहुजन मीडिया उत्सव या ऐसा कुछ बता सकते थे। लेकिन आगे भी बहुजन प्रतीकों के दिन आते रहेंगे, समय समय पर उन्हें “सपोर्ट बहुजन मीडिया” इवेंट्स में बदलना एक अच्छी स्ट्रेटेजी हो सकती है। और, नार्मल दिनों में भी ऐसा कर ही सकते हैं।

आप अगर इसमें पार्टिसिपेट कर रहे हैं, तो इसे हर महीने करने की कोशिश करें। मैं अपने आस पास के लोगों को भी इसमें शामिल करने की कोशिश करूँगा, बाकी सबको भी करनी होगी। जिन लोगों ने किसी भी स्तर पर रिजर्वेशन का सपोर्ट लिया है, मेरी समझ से उनके लिए ये payback to society का बेस्ट मीडियम हो सकता है। बहुत लोग कहते हैं कि सरकारी नौकर होने की वजह से वो खुलकर अपनी बात नही रख सकते, तो ऐसे में अपनी बात आप अपने मीडिया को करने दीजिए, और उन्हें ये बात करने के लिए सहयोग करिए।
बाबा साहब जयंती की हार्दिक शुभ कामनाएं।’

विकास की इस पोस्ट के जवाब में मैं बस इतना ही लिख पाया ‘Vikas Verma आपकी पोस्ट मुझे भावुक कर गई। इसे पढ़कर लगा कि मैं कुछ ना कुछ तो सही करने की कोशिश कर रहा हूँ जो आप जैसा साथी मेरा हौसला बढ़ा रहा है। मैं बस इतना ही कहूँगा कि आपके इस प्यार और भरोसे को कभी टूटने नहीं दूँगा। आपके जैसे लोग ही मेरी असली ताक़त हैं। बहुत शुक्रिया… जय भीम’

 

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1 COMMENT

  1. ऐसी पोस्ट पढकर एक नई ऊर्जा मिलती है आज इंसान चाहे तो सब कुछ कर सकता है बस एक पहल की जरूरत है हिम्मत और हौसले की जरूरत है पोस्ट को पढकर बहुत ही अच्छा लगा ओर मन में एक ख्याल आया, उस ख्याल को पुरा करने की कोशिश करता हूँ और मैं कर सकता हूँ मुझे विश्वास ही नहीं यकीन है

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