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जावेद जाफरी को आरक्षण से दिक्कत है लेकिन जातिवाद से नहीं? ये दोगलापन भला क्यों ?

जावेद जाफरी ने एक बार फिर से आरक्षण पर अपनी राय रखते हुए जहर उगला है।

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Photo-Social Media

बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी ने एक बार फिर से आरक्षण पर अपनी राय रखते हुए जहर उगला है। इस बॉलीवुड कॉमेडियन की आरक्षण विरोधी सोच कोई नई बात नहीं है वो पहले भी आरक्षण को लेकर बहुजनों के खिलाफ जहर उगलते रहे हैं। जावेद जाफरी ने एक यूजर को रिप्लाई करते हुए अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंड़ल से ट्वीट किया।

आरक्षण एक अनफेयर पॉलिसी – जावेद जाफरी

उन्होंने लिखा, “आरक्षण और जातिवाद दो अलग-अलग मुद्दे हैं। जातिवाद एक सामाजिक बुराई है जिसने हमारी नींव को नष्ट करने का काम किया है। आरक्षण असल मायने में योग्यता रखने वाले लोगों के लिए एक अनफेयर पॉलिसी है। अब जरूरत इस बात की है कि शिक्षा और खेल के मैदान में सभी को समान अवसर प्रदान किया जाए”

2019 में भी उन्होंने आरक्षण को लेकर कुछ इसी प्रकार के ट्वीट किए थे। जो हाल ही में वायरल भी हुए थे। जावेद अपने 2019 के एक ट्वीट में लिखते हैं, “आरक्षित या योग्य ?? अतरिक्त आरक्षण के खतरे…सेव मैरिट सेव नेशन की ओर से एक फॉरवर्ड आया है”

 

आरक्षण खत्म करने के पक्ष में जावेद

2019 मे किए गए एक अन्य ट्वीट में वो लिखते हैं, “सरकार को अतिरिक्त आरक्षण की बजाय शैक्षणिक संस्थानों को सुधारने और बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए ताकि सभी समान स्तर पर हों। वास्तव में उन वंचितों का क्या जो मेहनत कर रहे हैं और सही से मैरिटोरियस हैं? आरक्षण उनका हक नहीं छीन सकता”

हाल ही में जब कुछ अम्बेडकरवादियों ने जाफरी से सवाल किया कि आरक्षण में मिलने वाले भाई-भतीजावाद पर आप क्या रय रखते हैं, तो उन्होंने बहुत ही नकारात्मक जवाब देते हुए बहुजन समाज पर निशाना साधा था।

फिल्मों में भाई-भतीजावाद गलत बात नहीं – जावेद

उन्होंने लिखा, “जरूर, भाई-भतीजावाद नकारात्मक है। लेकिन प्रतिभा में भाई-भतीजावाद किसी भी तरह से मानव जीवन के लिए विनाशकारी और खतरनाक नहीं है। जैसा कि घटिया डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक आदि का होना है। मुझे एक उदाहरण दिखाओ जहां खराब प्रदर्शन देखने के बाद 20 लोगों की मौत हो गई हो”

 

जावेद जाफरी जैसे लोगों को देश का संविधान ध्यान से पढ़ना चाहिए और अपने दिमाग इस बात पर लगाना चाहिए कि आरक्षण असल में प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने का तरीका है। जावेद जाफरी को World Development journal में ‘आरक्षण से दक्षता प्रभावित नहीं होती’ शिर्षक से छपी रिपोर्ट भी पढ़नी चाहिए ताकि उनके दिमाग के जाले हट सकें।

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