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पानी माफिया का आतंक : सरकारी पाइपलाइन तोड़कर प्राइवेट कनेक्शन देने का आरोप !

कहते हैं जल ही जीवन है लेकिन इन दिनों स्वच्छ जल के लिए ही जद्दोजहद करनी पड़़ती है। सिस्टम की सुस्ती के कारण पानी की सप्लाई और प्राइवेट वाटर कनेक्शन पर माफिया का कब्ज़ा हो चुका है। ऐसा ही एक मामला पंजाब के फरीदकोट के कोटकपूरा में सामने आया है।

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फरीदकोट : कहते हैं जल ही जीवन है लेकिन इन दिनों स्वच्छ जल के लिए ही जद्दोजहद करनी पड़़ती है। सिस्टम की सुस्ती के कारण पानी की सप्लाई और प्राइवेट वाटर कनेक्शन पर माफिया का कब्ज़ा हो चुका है। ऐसा ही एक मामला पंजाब के फरीदकोट के कोटकपूरा में सामने आया है। आरोप है कि यहां एक प्राइवेट प्लंबर गैर कानूनी तरीके से पानी के कनेक्शन लगा रहा है। कनेक्शन लगाने के बदले लोगों से मोटी रकम भी वसूल कर रहा है। कोटकपूरा के सुरगापुरी मोहल्ले में अश्वनी नाम के शख्स पर प्रेम नगर इलाके में पानी की मेन लाइन को तोड़कर लोगों को कनेक्शन देने और मोटी रकम ऐंठने के आरोप लगे हैं।

खबर सामने आने के बाद मचा हड़कंप 

मामला उजागर होने के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उस प्राइवेट प्लंबर का लाइसेंस रद्द भी किया गया लेकिन अश्वनी ने किसी दूसरे के लाइसेंस पर काम करना शुरू कर दिया। जेई भोला सिंह के मुताबिक जब उसने प्लंबर को रोकने की कोशिश की तो आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज की और प्रशासन को जेब में रखने की बात कही। पुलिस में भी शिकायत की गई लेकिन अभी तक आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जब इस बारे में एसडीओ गुरपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया की हॉटलाइन को तोड़कर पानी का कनेक्शन देना गैर कानूनी काम है।

गैर-कानूनी ढंग से पानी के कनेक्शन देने का आरोप

जब इस बारे में कमेटी के मेंबर हरगोविंद सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हॉटलाइन से सिविल कनेक्शन नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें गैर कानूनी ढंग से पानी के कनेक्शन दिए जाने की सूचना मिली वह तुरंत मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। मौके पर आरोपी अश्वनी कुमार बिना लाइसेंस के और बिना इजाजत के गैरकानूनी ढंग से पानी के कनेक्शन लगा रहा था। जब उससे इस बारे में सवाल पूछा गया तो उसने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।

आरोपी ने कहा, ‘अफसरों के दबाव में ऐसा करता हूं’

वहीं इस मामले पर आरोपी अश्वनी कुमार से बात की गई तो उसने मजबूरी का रोना रो दिया। आरोपी ने साफ कहा है कि वह प्रशासनिक अधिकारियों के दबाव में ऐसा काम करने के लिए मजबूर है क्योंकि उसके पास आय का दूसरा साधन नहीं है। आरोपी का कहना है कि उसने जेई भोला सिंह की देखरेख में इस कार्य को अंजाम दिया लेकिन जेई भोला सिंह का कहना है कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी और आरोपी ने इस बारे में कोई सूचना नहीं दी। इस घटना ने एक बार फिर से पानी जैसी बुनियादी चीज़ पर माफिया और प्रशासन के गठजोड़ को उजागर कर दिया है।

(द शूद्र के लिए कुमार आकाश ने ये रिपोर्ट भेजी है। आकाश के भेजे तथ्यों को ज्यों का त्योें रखा गया है।)

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